M P SINGH
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*नमामि भक्त वत्सलं। कृपालु शील कोमलं॥* *भजामि ते पदांबुजं। अकामिनां स्वधामदं॥* हे भक्त वत्सल! हे कृपालु! हे कोमल स्वभाव वाले! मैं आपको नमस्कार करता हूँ,निष्काम पुरुषों को अपना परमधाम देने वाले आपके चरण कमलों को मैं भजता हूँ। *जय सियाराम* 🌞🙏 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️