*नमामि भक्त वत्सलं। कृपालु शील कोमलं॥*
*भजामि ते पदांबुजं। अकामिनां स्वधामदं॥*
हे भक्त वत्सल! हे कृपालु! हे कोमल स्वभाव वाले! मैं आपको नमस्कार करता हूँ,निष्काम पुरुषों को अपना परमधाम देने वाले आपके चरण कमलों को मैं भजता हूँ।
*जय सियाराम* 🌞🙏
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️