♥️SC ST OBC बहुजनों की असली राजनीतिक पहचान 💪💙
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1 days ago
📰 कलयुग की कुमाता: जिसने ममता को ही मार डाला कहावत है — पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। लेकिन कलयुग में ये कहावत भी झूठी साबित हो रही है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सामने आई ये घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है। 🕯️ क्या है पूरा मामला? 28 अप्रैल 2023 की शाम ग्वालियर के एक मोहल्ले में ज्योति राठौर नाम की महिला अपनी छत पर पड़ोसी युवक उदय इंदौलिया के साथ मौजूद थी। दोनों आपत्तिजनक हालत में थे। तभी ज्योति का 5 साल का मासूम बेटा जतिन राठौर छत पर पहुंच गया। बेटे ने अपनी मां को किसी और पुरुष की बाहों में देखा। यही वो पल था जहाँ से मां नहीं — अपराधी पैदा हुई। 😱 सच छुपाने के लिए मां बनी हत्यारिन ज्योति घबरा गई। उसे डर था कि बेटा ये बात अपने पिता को बता देगा। इसी डर में उसने वो किया जिसकी कल्पना भी रूह कांपा दे — 👉 अपनी ही कोख से जन्मे बेटे को 👉 दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही जतिन के सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। 🕵️‍♂️ शुरुआत में हादसा, बाद में हत्या का खुलासा शुरुआत में मामला हादसा बताया गया। पूरा परिवार सदमे में था। लेकिन 15 दिन बाद ज्योति खुद टूट गई। उसने रोते हुए अपने पति को पूरी सच्चाई बता दी। पति ने चुपचाप पूरी बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड कर ली और पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। यहीं से केस ने नया मोड़ लिया। ⚖️ अदालत का फैसला लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि — मां ने जानबूझकर अपने बेटे की हत्या की है। 17 जनवरी 2026 को अदालत ने ज्योति राठौर को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं प्रेमी उदय इंदौलिया के खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया। 🩸 सवाल जो समाज से टकराते हैं जिस मां को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वही मां अगर भक्षक बन जाए तो समाज किस पर भरोसा करे? ये मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, ये रिश्तों की गिरती हुई इंसानियत का आईना है। आज सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या वासना ने ममता को मार डाला? कलयुग में अब ये कहना गलत नहीं होगा — पूत कपूत हो सकता है, लेकिन अब माता भी कुमाता हो सकती है। #news