*🔸 श्लोक:*
```यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनं
तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जलिम्।
बाष्पवारि परिपूर्ण लोचनं
मारुतिं नमत राक्षसान्तकम्॥```
*🔹 अर्थ:*
*जहाँ-जहाँ श्रीराम का कीर्तन होता है, वहाँ-वहाँ हाथ जोड़कर और आँखों में आँसू लिए हनुमान जी उपस्थित रहते हैं। ऐसे राक्षसों का नाश करने वाले पवनपुत्र हनुमान को प्रणाम है।*
*🚩- 𝄟ꕥ❥︎ ॐ हं हनुमते नमः ❥︎ꕥ𝄟 -🚩*
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#🌅 भक्ति