Dharmendra thakur
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#📒 मेरी डायरी गलती से फूंक मार कर चिंगारी भड़काओगे ऐसी आग लगेगी धुआं धुआं हो जाओगे डर लगता है अब मुझे अपने आप से क्योंकि डरते नहीं हम किसी के बाप से