शिव स्नेहिल बसन्त हैं वो प्रेम अनंत हैं,
शिव त्याग हैं समर्पण शिव।
शिव करुण हृदय मन दर्पण शिव।
अपने को खो देना, खोकर सब पाना,
ज़िन्दगी के ज़हर को सहर्ष अपनाना,
हर राह सौ दर्द मिले रूखी रहीं सब फिजायें,
फ़िर उस वीरान मन में प्रेम पुष्प का खिल आना।
बड़ा आसान है पड़ना शिव प्रेम में,
मुश्किल है शिव सा प्रेम निभाना।
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️