Rakesh Dass
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ध्यान (Meditation) की सीमाएँ और नाम-सुमिरण लद्दाख में आने वाले पर्यटक और साधक अक्सर ध्यान की गहरी अवस्था में जाने का प्रयास करते हैं। संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं कि ध्यान केवल मन को एकाग्र करने की एक क्रिया है, यह पाप विनाशक नहीं है। पापों का विनाश केवल उस 'सत्य शब्द' के सुमिरण से होता है जो पूर्ण संत प्रदान करते हैं। केवल बैठने से नहीं, बल्कि सही विधि से किए गए सुमिरण से ही आत्मा का शुद्धिकरण संभव है। ##kabir is god