Bhupatbhai Solanki
714 views
29 days ago
#✨આધ્યાત્મિક વિચાર📜 #😇 સુવિચાર को एक बगिया (उद्यान) की तरह समझिए। इस बगिया में रोज़–रोज़ कई प्रकार के बीज गिरते रहते हैं— चिंता, भय, क्रोध, अपेक्षा, तुलना, असंतोष। यदि हम सचेत नहीं होते, तो वही बीज बड़े होकर काँटेदार झाड़ियाँ बन जाते हैं। मेडिटेशन उस क्षण का नाम है जब हम पहली बार जानबूझकर शांति का बीज बोते हैं। यह बीज है— “मैं शरीर नहीं, शांत आत्मा हूँ” की अनुभूति वर्तमान क्षण में टिकने का अभ्यास मन को आदेश नहीं, दिशा देना जैसे कोई किसान बीज बोकर तुरंत फल की अपेक्षा नहीं करता, वैसे ही मेडिटेशन भी कोई चमत्कारी परिणाम नहीं, बल्कि निरंतर देखभाल से पनपने वाली शांति है। धीरे–धीरे यह बीज जड़ पकड़ता है— विचारों की भीड़ कम होती है प्रतिक्रिया की जगह समझ आती है बाहरी परिस्थितियाँ वही रहती हैं, पर भीतर का मौसम बदल जाता है मेडिटेशन का अर्थ, मन को खाली करना नहीं, बल्कि उसमें शांति को प्राथमिकता देना। जब यह पहला बीज जम जाता है अर्थात उग जाता है, तो पूरा जीवन–उपवन स्वतः ही संतुलन, स्थिरता और आनंद से भरने लगता है।