Yogesh Rajput
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🕉️ 12 ज्योतिर्लिंग 🕉️ हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, जब ब्रह्मा और विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब भगवान शिव एक अनंत अग्नि-स्तंभ (ज्योति) के रूप में प्रकट हुए। उस ज्योति का न आरंभ था, न अंत। उसी दिव्य ज्योति के 12 स्थायी अवतरण ही ज्योतिर्लिंग कहलाए। ज्योतिर्लिंग केवल मंदिर नहीं हैं — वे कर्म, काल, मृत्यु, मोक्ष और चेतना के शक्तिशाली द्वार हैं। 🔱 12 ज्योतिर्लिंग और उनका विस्तृत पौराणिक महत्व 🔱 1️⃣ सोमनाथ ज्योतिर्लिंग (गुजरात) चंद्रदेव ने अपने क्षय रोग से मुक्ति पाने हेतु यहाँ शिव की तपस्या की। महादेव ने उन्हें पुनः तेज प्रदान किया। 👉 यह ज्योतिर्लिंग नवजीवन, पुनर्निर्माण और आशा का प्रतीक है। 2️⃣ मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग (आंध्र प्रदेश) यहाँ भगवान शिव अर्जुन (मल्लि) और माता पार्वती मल्लिका के साथ वास करते हैं। 👉 यह स्थान माता-पिता और संतान के प्रेम तथा शिव-शक्ति संतुलन को दर्शाता है। 3️⃣ महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (उज्जैन) यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। महाकाल समय के स्वामी हैं — मृत्यु भी जिनसे भयभीत है। 👉 यहाँ पूजा करने वाला व्यक्ति अकाल मृत्यु और भय से मुक्त होता है। 4️⃣ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (मध्य प्रदेश) नर्मदा नदी के बीच स्थित यह ज्योतिर्लिंग ॐ के आकार का है। 👉 यह ब्रह्मांडीय ध्वनि, सृष्टि के मूल और आत्मज्ञान का केंद्र है। 5️⃣ केदारनाथ ज्योतिर्लिंग (उत्तराखंड) महाभारत के बाद पांडवों ने यहाँ शिव से क्षमा माँगी। शिव बैल रूप में प्रकट हुए और अंततः पृथ्वी में विलीन हो गए। 👉 यह तपस्या, वैराग्य और मोक्ष का मार्ग है। 6️⃣ भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (महाराष्ट्र) भगवान शिव ने यहाँ राक्षस भीम का संहार किया। 👉 यह ज्योतिर्लिंग धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश का प्रतीक है। 7️⃣ काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (वाराणसी) कहा जाता है, यहाँ मृत्यु होने पर शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं। 👉 यह जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति का द्वार है। 8️⃣ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग (नासिक) यहाँ से गोदावरी नदी का उद्गम हुआ। 👉 यह ग्रह दोष, पितृ दोष और कर्म शुद्धि का शक्तिपीठ है। 9️⃣ वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग (झारखंड) रावण ने यहाँ शिव की कठोर तपस्या की थी। 👉 यह ज्योतिर्लिंग रोग नाशक और आयु प्रदायक माना जाता है। 🔟 नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (द्वारका) यह स्थान भक्तों को विष, भय और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करता है। 👉 नागेश्वर शिव की रक्षक शक्ति का प्रतीक है। 1️⃣1️⃣ रामेश्वरम् ज्योतिर्लिंग (तमिलनाडु) भगवान श्रीराम ने रावण वध के पाप से मुक्ति हेतु यहाँ शिवलिंग की स्थापना की। 👉 यह आत्मशुद्धि और भक्ति का सर्वोच्च स्थान है। 1️⃣2️⃣ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (औरंगाबाद) एक भक्त स्त्री की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर शिव यहाँ प्रकट हुए। 👉 यह सिद्ध करता है कि शुद्ध भक्ति से ही शिव प्राप्त होते हैं। ✨ ज्योतिर्लिंग दर्शन केवल यात्रा नहीं, आत्मा की यात्रा है। ✨ जो शिव को बाहर ढूँढता है, वह मंदिर जाता है। ✨ जो शिव को भीतर ढूँढता है, वही ज्योतिर्लिंग बन जाता है। 🙏 हर हर महादेव 🙏 #✍️🌺༺꧁ आज का दिन ꧂༻🌺✍️ #❤༺꧁ My Love ꧂༻❤ #🚩༺꧁ सनातन धर्म ꧂༻🚩 #😏 रोचक तथ्य #😍स्टेटस की दुनिया🌍 #HinduMythology #SpiritualJourney #Shaivism #AdiYogi