कबीर काया खेत किसान मन, पाप पुन्न दो बीव!
बोया लूनै आपना, काया कसकै जीव !!
#GodMorningWednesday
#BigMistakeOf_DrBRAmbedkarJi
कबीर साहेब जी कहते हैं कि शरीर और मन क्रमशः खेत व किसान की भांति होते हैं! इनके पास बोने के लिए पाप और पुण्य नाम के दो बीज है! अब जो बीज इसमें बोया जाएगा, वही काटने को मिलेगा !!
#🌞 Good Morning🌞