##हरि_आये_हरियाणे_नूं आये हरियाणे नू
सन 1727 फाल्गुन मास सुदी द्वादशी को संत गरीबदास जी महाराज को 10 वर्ष की आयु में परमेश्वर कबीर साहेब हरियाणा में आकर जिंदा बाबा के रूप में मिले। अपने साथ ऊपर के सभी लोकों को दिखाकर सतलोक में अपने वास्तविक रूप के दर्शन भी कराए। फिर ज्ञान उपदेश व नामदीक्षा देकर सत भक्ति करने के लिए पुनः पृथ्वी पर भेज दिया।