#😇 चाणक्य नीति #✡️ज्योतिष समाधान 🌟
वक़्त की अदालत
हक़ छीनने वाले समझते हैं कि वे जीत गए, झूठ की सीढ़ी पर चढ़कर खुद को बड़ा मान लेते हैं।
पर वक़्त की अदालत कभी अंधी नहीं होती, वहाँ हर सांस, हर चाल का हिसाब लिखा जाता है। आज जो हँसते हैं किसी की मजबूरी पर, कल वही आँसू अपने हिस्से लिखा लेते हैं।
7.2 हज़ा
इंसाफ़ देर से सही, आता जरूर क्योंकि वक़्त के क़लम से कोई गुनाह मिटता नहीं।....✍️