*ईमानदारी का फल*
*मां लक्ष्मी और गरीब किसान माधव की कहानी सिखाती है कि सच्चा धन ईमानदारी, मेहनत और दयालुता है। देवी लक्ष्मी ने माधव की नि:स्वार्थ सेवा से प्रसन्न होकर उसके सूखे खेत को धन-धान्य से भर दिया, यह संदेश देते हुए कि धन उन्हीं के पास रुकता है जहाँ मेहनत का सम्मान और हृदय की पवित्रता हो।*
*गरीबी और सादगी: बहुत समय पहले माधव नाम का एक गरीब किसान रहता था, जो बहुत ईमानदार था। वह और उसका परिवार मेहनत करके गुजारा करते थे।*
*देवी का आगमन: एक दिन माता लक्ष्मी ने एक गरीब लड़की का रूप धारण किया और माधव से रहने की जगह मांगी। माधव ने निःसंकोच भाव से उन्हें अपनी बेटी की तरह घर में आश्रय दिया।*
*बरकत की शुरुआत: माता लक्ष्मी के घर में कदम रखते ही माधव के जीवन में बदलाव आने लगा। उनके सूखे खेतों में अच्छी फसल होने लगी, घर में धन-धान्य की कोई कमी न रही और वे लोग एक समृद्ध जीवन जीने लगे।*
*दयालुता का सम्मान: माधव की पत्नी और बच्चों ने उस अजनबी लड़की (देवी लक्ष्मी) को अपना समझा और प्यार किया। देवी लक्ष्मी उनकी नि:स्वार्थ सेवा और दयालुता से बहुत प्रसन्न हुईं।*
*रहस्य का खुलासा: वर्षों बाद, एक दिन माता लक्ष्मी अपने असली स्वरूप में आईं। उन्होंने माधव को आशीर्वाद दिया कि तुम्हारी ईमानदारी, मेहनत और मानवता ही मेरी पूजा है। धन वहीं वास करता है, जहाँ हृदय साफ हो।*
*सीख:-*
*यह कहानी यह सिखाती है कि धन के पीछे भागने के बजाय कर्म और ईमानदारी पर ध्यान देना चाहिए। लक्ष्मी वहीं स्थिर रहती हैं जहाँ करुणा, मेहनत और प्रेम होता है।*
*-जय मां लक्ष्मी -* #किस्से-कहानी