K. VISHVAKARMA
534 views
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ भारतीय नेताओं की मौज ही मौज है। 📖📖 भारत के नेताओं पर होने वाले खर्च का यह कड़वा सच आपकी आँखें खोल देगा और सोचने पर मजबूर कर देगा कि क्या वाकई हम एक लोकतान्त्रिक देश में रह रहे हैं? 🤔 भारत में कुल 4,582 विधायक (4120 MLA और 462 MLC) हैं, जिन पर वेतन और भत्तों के नाम पर हर साल लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसी तरह, 776 सांसदों को मिलने वाले 5 लाख रुपये प्रति माह के हिसाब से सालाना 465 करोड़ 60 लाख रुपये दिए जाते हैं। यानी सिर्फ मूल वेतन पर ही हर साल 15 अरब 65 करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो जाते हैं! 💸💸 लेकिन ठहरिए, यह तो सिर्फ ट्रेलर है! इनके आलीशान आवास, मुफ्त खाना, हवाई यात्राएं और विदेशी दौरों का खर्च जोड़ लें तो यह आंकड़ा 30 अरब रुपये तक पहुँच जाता है। 🏚️✈️ सुरक्षा के नाम पर तैनात हजारों पुलिसकर्मियों और Z श्रेणी की सुरक्षा का सालाना खर्च 20 अरब रुपये अलग से है। कुल मिलाकर, हमारे टैक्स का कम से कम 50 अरब रुपया हर साल इन नेताओं की सेवा में जाता है। अगर पूर्व नेताओं की पेंशन और अन्य खर्च जोड़ें, तो यह आंकड़ा 100 अरब (10,000 करोड़) के पार निकल जाता है! 😱💰 विडंबना देखिए, जिस देश का आम नागरिक ₹30-40 रोज की कमाई के लिए जूझ रहा है, वहां ₹80,000 पगार पाने वाले 'माननीय' सांसदों को संसद की कैंटीन में ₹1 में चाय, ₹2 में खाना और ₹8 में बिरयानी मिलती है। 🍱☕ क्या यह गरीबों के साथ मजाक नहीं है? हमारी दो प्रमुख मांगें होनी चाहिए: 1️⃣ चुनाव प्रचार के शोर और फिजूलखर्ची पर रोक लगे, सिर्फ टीवी पर प्रचार हो। 2️⃣ नेताओं के भारी-भरकम वेतन और भत्तों पर कैंची चले, ताकि उनकी असली 'देशभक्ति' सामने आए। माननीय पीएम और सीएम जी से विनती है कि भले ही बाकी योजनाएं बंद कर दें, बस संसद जैसी कैंटीन हर 10 किमी पर खुलवा दें। न राशन का झंझट रहेगा, न रसोई के बजट का झगड़ा! 🙅‍♂️🔥 अगर आप भी इस सिस्टम से दुखी हैं और बदलाव चाहते हैं, तो इस मैसेज को आग की तरह फैलाएं। हर नागरिक का जागरूक होना ही असली देशभक्ति है! 🇮🇳📢✍️ 🛕🛕🛕🛕🛕 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #पॉलिटिक्स #सामाजिक समस्या