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कभी खराब न होने वाला औषधि | SA News : शहद प्रकृति का एक ऐसा अनमोल उपहार है जो स्वाद में मीठा, गुणों में औषधीय और विशेषताओं में अद्भुत है। प्राचीन काल से ही शहद को आयुर्वेद में "अमृत" के समान माना #हेल्थ #औषधि गया है। यह शायद दुनिया की एकमात्र ऐसी प्राकृतिक वस्तु है जो कभी खराब नहीं होती। मिस्र के पिरामिडों से हजारों वर्ष पुराना शहद मिला है, जो आज भी सुरक्षित अवस्था में पाया गया। इसका कारण है इसकी प्राकृतिक संरचना, जिसमें नमी बहुत कम होती है और जीवाणुओं के पनपने की संभावना लगभग नहीं के बराबर होती है। शहद मधुमक्खियों द्वारा फूलों के रस से तैयार किया जाता है। इसमें प्राकृतिक शर्करा, एंजाइम, विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि शहद केवल मिठास ही नहीं देता, बल्कि शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करता है। सुबह गुनगुने पानी के साथ शहद का सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, कब्ज दूर करता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। औषधि के रूप में शहद का उपयोग सर्दी-खांसी, गले की खराश, घाव भरने और त्वचा संबंधी समस्याओं में सदियों से किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले जीवाणुरोधी गुण घावों को जल्दी भरने में सहायक होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार शहद हृदय के लिए लाभकारी है, रक्त को शुद्ध करता है और आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए शहद एक सुरक्षित और लाभदायक प्राकृतिक औषधि है।