Mukesh Sharma
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_*🌷जय श्री राधेकृष्ण 🌷*_ _*विनम्रता से सीखने वाला हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का मार्ग पा लेता है। कागज के टुकड़े करना सरल है, कपडे के टुकड़े करना थोड़ा कठिन, उससे भी ज्यादा कठिन लोहे या लकड़ी के टुकड़े करना, उससे भी ज्यादा क्या कठिन है? मन में रहे अहम् के टुकड़े करना।*_ _*जिंदगी का दूसरा नाम परिवर्तन है,अब चाहें परिवर्तन हम में हों, हमारे रिश्तों में हों, हमारे काम में हों, या संसार में हों। उसे अपनाना सीखना होगा। वैचारिक मतभेद भले ही कितने हो जायें, लेकिन उम्र का लिहाज और शब्दों की मर्यादा हमेशा रखनी चाहिए।*_ _*॥ जय श्री राधे कृष्ण ॥*_ _*🌺🌷शुभ रात्रि🌷🌺*_ #☝अनमोल ज्ञान #📒 मेरी डायरी #☝ मेरे विचार #👫 हमारी ज़िन्दगी #🙏सुविचार📿