Sachin Kumar Singh
527 views
13 days ago
जब एक वीर पंख छोड़ देता है… तो उसकी याद दिल से नहीं जाती। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के पास 15 जून 2025 को एक हेलीकॉप्टर क्रैश में जयपुर के रिटायर्ड पायलट राजवीर सिंह चौहान अपनी जीवन-यात्रा समाप्त कर बैठें। वे केदारनाथ से गुप्तकाशी जा रहे हेलीकॉप्टर के चालक थे, जो दुर्घटना के कारण हर किसी के लिए गहरा सदमा बन गया। � Wikipedia राजवीर सिंह चौहान पहले भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल रहे और 14+ वर्षों की सेवाएं दी थीं। हाल ही में उन्होंने प्राइवेट एविएशन कंपनी के लिए पायलट की भूमिका संभाली थी। कुछ ही समय पहले वे अपने चार महीने के जुड़वां बच्चों के पिता भी बने थे — लेकिन इस दुखद दुर्घटना में उनकी जान चली गयी। � ABP News उनका पार्थिव शरीर जयपुर पहुंचा और उनकी पत्नी, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान ने अपनी वर्दी में पति का अंतिम संस्कार करते हुए उनका फोटो थामे भावुक विदाई दी, जिसे परिवार, दोस्त और कई लोग निहारते रहे। � www.ndtv.com 📌 यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि उस समर्पण की कहानी भी है जो हमारे वीरों की सेवा में हमेशा जीवित रहती है। 🙏🕊️ उनकी आत्मा को शांति मिले। #न्यूज परिवार को सहन शक्ति मिले। 🇮🇳 शहीदों की शहादत अमर रहे — जय हिंद 🇮🇳 . ऐसे ही खबरों के लिए यहाँ पढ़ें .. https://thebharatnama.in .