#✍🏽 माझ्या लेखणीतून #🙂सत्य वचन #📝 शिकवण
✿•┅━꧁🌹सुप्रभात 🌹꧂━┅•✿
✿ बुधवार दि. ०१ एप्रिल २०२६✿
✿ चैत्र शु. चतुर्दशी शके १९४८ ✿
✿ विक्रम सवत्सर २०८२✿
✿शिवशक ३५२✿
•••┈┅━❀꧁ ۩🌟۩ ꧂❀━┅┈•••
ஜ۩۞۩ संस्कृत सुभाषितमाला ۩۞۩ஜ
•••┈┅━❀꧁ ۩🌟۩ ꧂❀━┅┈•••
न्यायार्जितस्य द्रव्यस्य बोद्धव्यौ द्वावतिक्रमौ ।
अपात्रे प्रतिपत्तिश्च पात्रे चाप्रतिपादनम् ॥
भावार्थ : न्याय और मेहनत से कमाए धन के ये दो दुरूपयोग कहे गए हैं- एक, कुपात्र को दान देना और दूसरा, सुपात्र को जरूरत पड़ने पर भी दान न देना ।
✿•••┈┅━꧁ ⚜️ ꧂━┅┈•••✿