सुप्रभात
नलिनी दलगत जलमति तरलम्
तद्वज्जीवित मतिशय चपलम्,
विद्धि व्याध्यभिमान ग्रस्तं
लोक शोकहतं च समस्तम् ॥
*भावार्थ :- जीवन कमल-पत्र पर जल की बूंदों के समान अल्प,अनिश्चित, क्षणभंगुर है। समस्त विश्व अर्थात हर प्राणी रोग, अभिमान और दु:ख में ग्रस्त है। हमें नहीं पता कि अगले पल में क्या होने वाला है। इसलिए जो भी समय हमारे पास है, उसका सही उपयोग कर यथायोग्य लाभ प्राप्त करना चाहिए।* #☝अनमोल ज्ञान #☝ मेरे विचार #🙏सुविचार📿 #👫 हमारी ज़िन्दगी #📒 मेरी डायरी