भारत भूषण
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1 days ago
*卐~ आज का हिन्दू पंचांग ~卐* *🌞दिनांक - 15 मार्च 2026* *⛅दिन - रविवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - वसंत* *⛅मास - चैत्र* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - एकादशी सुबह 09:16 तक तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - श्रवण प्रातः 05:56 मार्च 16 तक तत्पश्चात् धनिष्ठा* *⛅योग - पारिघ सुबह 10:25 तक तत्पश्चात् शिव* *⛅राहुकाल - शाम 05:06 से शाम 06:36 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:36* *⛅सूर्यास्त - 06:36 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:00 से प्रातः 05:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:12 से दोपहर 01:00 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:11 से मध्यरात्रि 12:59 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - पापमोचनी एकादशी, षडशीति - मीन संक्रांति (पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर 12:36 तक), सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 04:49 से प्रातः 06:36 तक)* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोई)‌ खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* *🔹एकादशी में क्या करें, क्या न करें ?🔹* *🔸1. एकादशी को लकड़ी का दातुन तथा पेस्ट का उपयोग न करें । नींबू, जामुन या आम के पत्ते लेकर चबा लें और उँगली से कंठ शुद्ध कर लें । वृक्ष से पत्ता तोड़ना भी वर्जित है, अत: स्वयं गिरे हुए पत्ते का सेवन करें ।* *🔸2. स्नानादि कर के गीता पाठ करें, श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें ।* *🔸हर एकादशी को श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है ।* *राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।* *सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने ।।* *एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* *🔸3. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।* *🔸4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।* *🔸5. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।* *🔸6. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) - इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) - इनका सेवन न करें ।* *🔸7. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।* *🔸8. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।* *🔸9. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।* *🔸10. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।* *🔸11. इस दिन बाल नहीं कटायें ।* *🔸12. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसीका दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।* *🔸13. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।* *🔸14. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।* *🌞मेरे श्रीराम आए है तो द्वारिकाधीश भी आयेंगे🌞* #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏सुविचार📿