#सतगुरुसंगत_छोड़कर_मोक्षनपावे
#जैन_धर्म_की_सच्चाई
महावीर जी ने किसी से धर्मदेशना (दीक्षा) नहीं ली थी यानि गुरु नहीं बनाया था।
जबकि कबीर परमात्मा ने कहा है:
गुरू बिन माला फेरते, गुरू बिन देते दान । गुरू बिन दोनों निष्फल है, पूछो वेद पुराण
Sant RampalJi YtChannel