कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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28 days ago
आरज़ू अब नहीं है उन्हें पाने की। आरज़ू अब नहीं है उन्हें लाने की। जिन्हें जाना था छोड़कर चले गए, आरज़ू अब नहीं है उन्हें अपनाने की! ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'💔 #sad #Sad Shayari #sad status #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #broken