Sukhbir Das
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#GodMorningFriday काया खेत किसान मन, पाप पुन्न दो बीव! बोया लूनै आपना, काया कसकै जीव !! कबीर साहेब जी कहते है कि शरीर और मन क्रमशः खेत व किसान की भांति होते हैं। इनके पास बोने के लिए पाप और पुण्य नाम के दो बीज हैं। अब जो बीज इसमें बोया जाएगा, वही काटने को मिलेगा। #jagatguru santrampal ji mahraj