Prabhudas Gavit Navapadakar
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5 days ago
यशायाह 27:2-5 HINOVBSI [2] उस समय एक सुन्दर दाख की बारी होगी, तुम उसका यश गाना! [3] मैं यहोवा उसकी रक्षा करता हूँ; मैं क्षण क्षण उसको सींचता रहूँगा। मैं रात–दिन उसकी रक्षा करता रहूँगा, ऐसा न हो कि कोई उसकी हानि करे। [4] मेरे मन में जलजलाहट नहीं है। यदि कोई भाँति भाँति के कटीले पेड़ मुझ से लड़ने को खड़े करता, तो मैं उन पर पाँव बढ़ाकर उनको पूरी रीति से भस्म कर देता। [5] या मेरे साथ मेल करने को वे मेरी शरण लें, वे मेरे साथ मेल कर लें। https://bible.com/bible/1683/isa.27.2-5.HINOVBSI #पवित्र बाइबल #🌸 सत्य वचन #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #😇मन शांत करने के उपाय