"महकता प्यार"
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बहती नदी दिल-ए-दरिया में,
अनोखी धार बाकी है!
गहरा समंदर तुम्हरा प्यार भरा,
महकता इजहार बाकी है!
बोलती तस्वीरें आजकल,
कुछ ज्यादा खुश नही हैं!
चाहतों के दरम्यान अभी,
सुनहरी सी दीवार बाकी है!
बड़ा सुकून है सच में,
यूँ साथ पाकर फकीरों के..
जिंदगी में राहगीर के अभी,
कीमती किरदार बाकी है!
बहुत बोझ डाल दिया है,
उसने यूँ ही सर पर मेरे...
सायं-सायं ही आजकल,
दो कदमों में रफ्तार बाकी है!
बड़े जिद पर तुम भी,
सर दबाने को अड़े हो..
सर बिछाने को शख्स,
कब से तैयार बाकी है!
यहाँ दिल में होकर भी,
कभी भेंट नही बातों में..
बीच जिंदगी के अभी भी,
लेटा हुआ हसीन बाजार बाकी है!
चलो भी हँसता खिलखिलाता,
कोई गुमसुदा ही सही...
दिल-ए-ताजमहल का अभी,
कोई देखासुना हकदार बाकी है!💕💞
......✍रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒
🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳
#💝 शायराना इश्क़ #❤️ आई लव यू #💔पुराना प्यार 💔 #🌹प्यार के नगमे💖 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️