sn vyas
495 views
अतीतानागते चोभे पितृवंशं च भारत !। तारयेद् वृक्षरोपी च तस्माद् वृक्षांश्च रोपयेत् ॥ [ महाभारत अनुशासनपर्व ५८/२६। ] अर्थात् 👉🏻 भरतनन्दन! वृक्ष लगानेवाला पुरुष अपने मरे हुए पूर्वजों एवं भविष्य में होनेवाली संतानों का तथा पितृकुल का भी उद्धार कर देता है , इसलिए वृक्षों को अवश्य लगाना चाहिए । 🌄🌄 प्रभात वंदन 🌄🌄 #❤️जीवन की सीख