“छोटे वीडियो • बड़े विचार” Vikram Rao – Mukundgarh
न ऊँच न नीच, न कोई दीवार,
न जाति का जाल, न नफरत का व्यापार।
हर दिल में बस एक ही स्वर गूंजे,
इंसान से इंसान का रिश्ता सूझे।
ना रंग का फर्क, ना नाम का बोझ,
ना अमीरी-गरीबी का कोई खोज।
धरती कहे — सब मेरे बच्चे हैं,
सबमें एक ही रब के सच्चे हैं।
36 बिरादरी का एक ही फूल,
इंसानियत जिसकी खुशबू अनमोल।
भाईचारे की हो ऐसी बहार,
नफरत भागे, प्यार रहे हर द्वार।
जीरो भेदभाव का लें हम प्रण,
न्याय बने हर दिल की धड़कन।
सेवा, परोपकार, अपनापन साथ,
एकजुट होकर बढ़ें सच्चाई की राह।
इंसानियत जिंदाबाद का हो जयकार,
देशभक्ति से महके हर परिवार।
मोहब्बत, प्यार और एकता का राग —
यही हमारा संदेश, यही हमारा पैगाम ह।
🇮🇳❤️🙏
भेदभाव नफरत झुठ दुष्प्रचार हिंसा क्राईम अत्याचार अन्याय मिटे, इंसानियत भाईचारा मोहब्बत प्यार सच अपनापन न्याय एकजुटता देशभक्ति सेवा परोपकार फैले हर चेहरे