Shamsher bhalu Khan
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#खुदा_और_इंसान बने मज़हब अम्न सुकून के लिये हम काम ले रहे इसे जुनून के लिये। ईश्वर के एजेंट खुदाई दलाल के मजे बन्दा उसका तरसे रोटी दो जून के लिये। आदमी जुदा एक ख़ुदा की ज़मीन हम लड़ें आपस में प्यासे खून के लिये। कहीं दूध बहता नालियों में फ़िज़ूल कहीं रोती माँ बच्चों को नून के लिये। परिंदों का खालिक एक इंसान के दो लड़े पजामा, धोती पतलून के लिये। ग़िज़ा सबको दी मुताबिक मुकाम इख़्तिलाफ़ चावल, बोटी चून के लिये। मौत आखिरी मक़ाम तेरा मेरा जिगर कर कुछ आखिरी घर सुतून के लिये। #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #खुदा_और_इंसान