डॉक्टर की सुई लगने पर सिर्फ़ हल्की सी चुभन होती है, लेकिन मधुमक्खी के डंक मारने पर चीख निकल जाती है? यह माइक्रोस्कोपिक तस्वीर उस दर्द की असली वजह साफ़-साफ़ बयां कर रही है।
दाईं ओर (Right side) आप इंजेक्शन की सुई देख रहे हैं, जिसे वैज्ञानिक तरीके से इतना चिकना और सपाट बनाया जाता है कि यह आपकी त्वचा (skin) के टिशू को बिना फाड़े, आसानी से अंदर चली जाए। वहीं, बाईं ओर (Left side) मधुमक्खी का डंक है। अगर आप गौर से देखें, तो यह किसी आरी (Saw) जैसा दिखता है, जिसमें नुकीले कांटे या 'बार्ब्स' (Barbs) लगे होते हैं।
इसका साइंस बहुत सीधा है: जब मधुमक्खी डंक मारती है, तो ये कांटेदार हुक हमारी त्वचा को बुरी तरह से फाड़ देते हैं और अंदर अटक जाते हैं। सुई सिर्फ चुभती है, लेकिन यह डंक त्वचा को 'चीरता' है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इन कांटों की वजह से डंक अक्सर हमारी त्वचा में ही फंसा रह जाता है। मधुमक्खी तो उड़ जाती है (और अक्सर मर जाती है), लेकिन वो टूटा हुआ डंक मांसपेशियों में अटक कर लगातार ज़हर (Venom) पंप करता रहता है। यही कारण है कि सुई के मुकाबले यह कई गुना ज्यादा दर्दनाक और सूजन वाला होता है।
सोर्स: Electron Microscopy Imaging / Entomology Studies
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