mathura vrindavan taxi travels
90 views
1 days ago
ब्रज 84 कोस परिक्रमा दर्शन 🙏 चक्रेश्वर महादेव ( गोवर्धन ) जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव की पूजा छुड़ाकर गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कराई तो इंद्र ने क्रोधित होकर मेघ मालाओं को आदेश दिया कि ब्रजभूमि को बहाकर उसका अस्तित्व समाप्त कर दो। घनघोर वर्षा देख ब्रजवासी घबरा गए और कान्हा से रक्षा करने की गुहार लगाई। इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने भगवान आशुतोष शंकर से मदद मांगी और उन्हें ब्रज में बुलाया । शंकरजी ने ब्रजभूमि में आकर अपने त्रिशूल को ब्रजमंडल के ऊपर चक्र के समान घुमाया और उसी से घनघोर वर्षा के जल को सुखा दिया। सात दिन और सात रात तक इंद्र वर्षा करते रहे शिवजी का त्रिशूल उसे सुखाता रहा। भगवान की इस लीला से इंद्र का मान भंग हुआ। इसके बाद श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा करने आए भगवान शंकर को चक्रेश्वर नाम से गोवर्धन धाम में ही मानसी गंगा के तट पर स्थापित किया। मानसी गंगा के उत्तर में चक्रेश्वर महादेव का मंदिर है। इन्हें चकलेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। ब्रजमंडल में पांच महादेव मंदिर प्राचीनकाल से ही स्थापित हैं। इनकी विशेष मान्यता भी है। मथुरा में भूतेश्वर, वृंदावन में गोपेश्वर, नंदगांव में नंदीश्वर, कामा में कामेश्वर और गोवर्धन में चक्रेश्वर के नाम से शिव मंदिर हैं। यहां पांचों महादेव की शिवलिंग के एक साथ दर्शनों का सौभाग्य प्राप्त होता है। #मथुरा वृंदावन राधा कृष्ण की नगरी #दार्शनिक स्थल #🙏धार्मिक पर्यटन स्थल🛕 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #ब्रज मंडल