दुर्जनः प्रियवादी च नैतद्विश्र्चासकारणम् ।
मधु तिष्ठति जिह्याग्रे हदये तु हलाहलम् ॥🌼
🌷अर्थात🌷
दुर्जन प्रिय बोलने वाला हो फिर भी विश्वास करने योग्य नहीं होता क्योंकि चाहे उसकी जुबान पर भले हि मधु हो, पर हृदय में तो हलाहल जहर ही होता है ।🌿
#मेरी_पसंद_VD 🎶🎵