#GodMorningWednesday
#BigMistakeOf_DrBRAmbedkarJi
बखत कहो या करम कहु, नसिब कहो निरधार ।
सहस नाम हैं करम के, मन ही सिरजनहार ।।
कबीर साहेब जी कहते हैं कि प्रारब्ध को चाहे समय कहो या कर्म और चाहे भाग्य कहो, अर्थात चाहे जिस नाम से उसे पुकार लो। कर्म के सहस्त्रों नाम हैं और इन सबका बनाने वाला मन ही है।
#🌞 Good Morning🌞