🇮🇳⃝🇬𝘂𝗽𝘁𝗮 𝗷𝗶 🚩⃝🙏🏻
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1 days ago
🙏राम राम जी : CJC🙏 *माँग...* ::::::::::::: एक अत्यंत धनाढ्य महिला ने एक गरीब चित्रकार से अपना चित्र बनवाया। चित्र बन जाने के बाद वह महिला उसे लेने आई। चित्र देखकर वह बहुत प्रसन्न हुई। *उसने चित्रकार से कहा, “आपको पुरस्कार स्वरूप क्या दूं?”* चित्रकार अत्यंत निर्धन था। गरीब व्यक्ति चाहकर भी कितनी बड़ी कामना कर सकता है? वह चाहे तो भी कितना माँग सकता है? चित्रकार सोचने लगा— *क्या सौ डॉलर माँगूं? दो सौ? या पाँच सौ?* फिर उसे संकोच हुआ—क्या वह इतना देगी? शायद नहीं देगी! फिर उसने सोचा, *“बेहतर होगा कि निर्णय उसी पर छोड़ दूं, शायद वह अधिक दे दे।*” लेकिन मन में डर भी था— *“अगर मैंने उस पर छोड़ दिया और उसने कुछ कम दे दिया, तो फिर?”* फिर भी उसने साहस किया। *उसने कहा, “आपकी जो इच्छा हो।”* उस महिला ने अपने हाथ में पकड़ा हुआ कीमती पर्स दिखाते हुए कहा, *“तो अच्छा, यह पर्स तुम रख लो। यह बहुत कीमती है।”* पर्स तो सचमुच कीमती था, लेकिन चित्रकार की छाती बैठ गई। उसने सोचा, *“इस पर्स का मैं करूंगा क्या? मान लिया कि यह सुंदर और कीमती है, पर इससे मुझे कुछ मिलेगा तो नहीं।”* उसने कहा, *“नहीं-नहीं, मैं इस पर्स का क्या करूंगा? आप मुझे सौ डॉलर ही दे दीजिए।”* महिला ने कहा, *“तुम्हारी मर्जी।” उसने पर्स खोला, जिसमें एक लाख डॉलर थे। उसने उसमें से सौ डॉलर निकाले और चित्रकार को दे दिए, और पर्स लेकर चली गई।* कहा जाता है कि चित्रकार आज तक छाती पीट रहा है और रो रहा है—“मर गए, मारे गए, अपने ही हाथों मारे गए!” दोस्तों, *परमात्मा ने हमें सामर्थ्य और बहुत से अवसर प्रदान किए हैं लेकिन हम अक्सर अपने संकोच और छोटी-छोटी मांगों की वजह से वो अवसर खो देते हैं जबकि हमें आवश्यकता है केवल उन्हें पहचानने, समझने और स्वीकारने की...* 👉इ मीडिया से साभार उद्धरित👈 #❤️जीवन की सीख #🙏कर्म क्या है❓ #☝अनमोल ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख