Mukesh Sharma
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13 hours ago
शिक्षक समाज हरियाणा: 0️⃣5️⃣❗0️⃣3️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ ♨️ *आज का प्रेरक प्रसंग* ♨️ *!! सच्ची कमाई !!* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हरियाणा के एक छोटे से कस्बे में रमेश नाम का युवक रहता था। उसके पिता डाक विभाग में एक साधारण कर्मचारी थे। बचपन से ही रमेश ने अपने घर में एक ही बात सुनी थी—“ईमानदारी की कमाई भले कम हो, लेकिन सुकून देती है।” समय बीता और रमेश शहर की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करने लगा। एक दिन ऑफिस में उसे एक महत्वपूर्ण फाइल तैयार करने का काम मिला। उसी दौरान एक ठेकेदार उसके पास आया और धीरे से बोला, “अगर यह फाइल हमारे पक्ष में बना दोगे तो पाँच लाख रुपये अभी दे दूँगा।” रमेश का मन डगमगाया। घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। माँ की दवाइयाँ चल रही थीं और बहन की पढ़ाई का खर्च भी था। पाँच लाख रुपये उसकी कई परेशानियाँ खत्म कर सकते थे। कुछ क्षण के लिए उसने सोचा—“कौन जानेगा? सब लोग तो ऐसा करते ही हैं।” लेकिन तभी उसे अपने पिता की बात याद आई—“बेटा, गलत रास्ता जल्दी मंज़िल दिखाता है, पर अंत में अंधेरा ही देता है।” रमेश ने गहरी साँस ली और ठेकेदार से कहा, “माफ़ कीजिए, मैं अपना काम नियमों के अनुसार ही करूँगा।” ठेकेदार नाराज़ होकर चला गया। कुछ दिनों बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों को पूरी घटना का पता चला। उन्होंने रमेश को बुलाकर उसकी ईमानदारी की सराहना की। उसे पदोन्नति मिली और विशेष सम्मान भी दिया गया। सबसे बड़ी बात—उस रात रमेश ने जो सुकून महसूस किया, वह किसी धन से नहीं खरीदा जा सकता था। घर लौटकर जब उसने यह बात पिता को बताई, तो उनकी आँखों में गर्व के आँसू थे। उन्होंने कहा, “आज तुमने हमारे संस्कारों को सच्चा साबित कर दिया।” रमेश समझ गया कि ईमानदारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि चरित्र की नींव है। धन, पद और प्रसिद्धि समय के साथ बदल सकते हैं, पर सच्चाई और ईमानदारी से कमाया गया सम्मान जीवनभर साथ रहता है। https://whatsapp.com/channel/0029VaA6qkB7oQhib8XbL83m/31054 *✨ शिक्षा:👉* ईमानदारी का रास्ता कठिन अवश्य होता है, पर अंत में वही सच्ची सफलता, सम्मान और आत्मिक शांति देता है। *सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।* *जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
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0️⃣5️⃣❗0️⃣3️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ ♨️ *आज का प्रेरक प्रसंग* ♨️ *!! सच्ची कमाई !!* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हरियाणा के एक छोटे से कस्बे में रमेश नाम का युवक रहता था। उसके पिता डाक विभाग में एक साधारण कर्मचारी थे। बचपन से ही रमेश ने अपने घर में एक ही बात सुनी थी—“ईमानदारी की कमाई भले कम हो, लेकिन सुकून देती है।” समय बीता और रमेश शहर की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करने लगा। एक दिन ऑफिस में उसे एक महत्वपूर्ण फाइल तैयार करने का काम मिला। उसी दौरान एक ठेकेदार उसके पास आया और धीरे से बोला, “अगर यह फाइल हमारे पक्ष में बना दोगे तो पाँच लाख रुपये अभी दे दूँगा।” रमेश का मन डगमगाया। घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। माँ की दवाइयाँ चल रही थीं और बहन की पढ़ाई का खर्च भी था। पाँच लाख रुपये उसकी कई परेशानियाँ खत्म कर सकते थे। कुछ क्षण के लिए उसने सोचा—“कौन जानेगा? सब लोग तो ऐसा करते ही हैं।” लेकिन तभी उसे अपने पिता की बात याद आई—“बेटा, गलत रास्ता जल्दी मंज़िल दिखाता है, पर अंत में अंधेरा ही देता है।” रमेश ने गहरी साँस ली और ठेकेदार से कहा, “माफ़ कीजिए, मैं अपना काम नियमों के अनुसार ही करूँगा।” ठेकेदार नाराज़ होकर चला गया। कुछ दिनों बाद कंपनी के उच्च अधिकारियों को पूरी घटना का पता चला। उन्होंने रमेश को बुलाकर उसकी ईमानदारी की सराहना की। उसे पदोन्नति मिली और विशेष सम्मान भी दिया गया। सबसे बड़ी बात—उस रात रमेश ने जो सुकून महसूस किया, वह किसी धन से नहीं खरीदा जा सकता था। घर लौटकर जब उसने यह बात पिता को बताई, तो उनकी आँखों में गर्व के आँसू थे। उन्होंने कहा, “आज तुमने हमारे संस्कारों को सच्चा साबित कर दिया।” रमेश समझ गया कि ईमानदारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि चरित्र की नींव है। धन, पद और प्रसिद्धि समय के साथ बदल सकते हैं, पर सच्चाई और ईमानदारी से कमाया गया सम्मान जीवनभर साथ रहता है। https://whatsapp.com/channel/0029VaA6qkB7oQhib8XbL83m/31054 #☝ मेरे विचार #📒 मेरी डायरी #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝अनमोल ज्ञान *✨ शिक्षा:👉* ईमानदारी का रास्ता कठिन अवश्य होता है, पर अंत में वही सच्ची सफलता, सम्मान और आत्मिक शांति देता है। *सदैव प्रसन्न रहिये - जो प्राप्त है, पर्याप्त है।* *जिसका मन मस्त है - उसके पास समस्त है।।* ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️