*थोरी थोरी बैस की अहीरनि की छोरी संग,,भोरी भोरी बातनि उचारति गुमान की।।*
#राधे राधे
*कहै रतनाकर बजावति मृदंग चंग,,अंगनि उमंग भरी जोबन उठान की।।*
*घाघरे की घूमनि समेटि के कछोटी किए,,कटि-तट फेंटि कोछी कलित पिधान की।।*
*झोरी भरे रोरी धोरि केसरि कमोरी भरे,,होरी चली खेलन किसोरी बृषभान की ।।*