धन नहीं था, कोई अपना नहीं था…सुनिए गुरू जी से श्री पंडित प्रदीप कुमार मिश्रा।श्री शिवाय नमस्तुभ्यं।🙏
जब जेब खाली थी, हालात मुश्किल थे और साथ देने वाला कोई नहीं था…तब सिर्फ एक नाम था — तेरा नाम।तेरी कृपा हुई तो सूनी राहों में भीड़ हो गई,जो अनजान थे वो रिश्तेद...