#तत्वज्ञान संदेश
#आज_का_आध्यात्मिक_सुविचार...
सब वन चंदन नहीं,शूरा के दल नाहीं *
सब समुद्र में मोती नहीं,यूं साधु जग माहीं **
हां यह बात सच हैं तभी तो "पवित्र श्री मद् भागवत गीता जी" के अध्याय 7 का श्लोक 19 में यह स्पष्ट रूप से क्लियर किया गया हैं कि
बहूनाम्, जन्मनाम्, अन्ते, ज्ञानवान्, माम्, प्रपद्यते,
#वासुदेवः, सर्वम्, इति, सः, महात्मा,सुदुर्लभः।।
गीता जी का ज्ञान दाता प्रभू #ब्रम्ह (प्रमाण अध्याय 8, श्लोक नम्बर 13) अर्जुन को यह रहस्य बताता हैं कि...
"बहुत बहुत जन्म के अन्त के किसी जन्म में कोई ज्ञानी भक्त मेरी भक्ति करता हैं"
(क्योंकि ऐसे अज्ञानी मनुष्यों की यहां कोई कमी नहीं हैं जो देवी देवता माई मशानी सेढ़ शीतला भैरो भूत हनुमंत आदि के चक्कर में अपना जीवन बरबाद करके यहां से खाली हांथ चले जाते हैं )
"लेकिन जिस #वासूदेव_भगवान (अनन्त कोटि ब्रह्माण्ड के स्वामी,सर्व ब्यापक #परम्_अक्षरब्रम्ह #सत्यपुरूष के मैं शरण में हुं,उस सच्चे खूदा #Real_GOD के विषय में संपूर्ण और यथार्थ आध्यात्मिक नॉलेज रखने वाला वह #तत्वदर्शी_सन्त का मिलना यहां अत्यंत ही दूर्लभ हैं।"
#सुक्ष्मवेद में बताया गया हैं कि
तत्वज्ञान कोई ना कहे,रॉय झुमकरा ।
पैसे उपर ये सब नांच,सुनों रॉय झुमकरा ।।
और अधिक जानकारी हेतु सपरिवार देखिए साधना टीवी चैनल सायं 07:30 pm.