Vikas Mishra
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भगवान कृष्ण बचपन से ही बहुत नटखट थे। उनकी त्वचा का रंग सांवला (गहरा) था, जबकि राधा जी बहुत गोरी थीं। एक दिन कृष्ण ने अपनी माँ यशोदा से पूछा — "माँ, मैं इतना काला क्यों हूँ और राधा इतनी गोरी क्यों हैं?" यशोदा मुस्कुराईं और प्यार से बोलीं — "अगर तुम्हें फर्क मिटाना है, तो तुम राधा के चेहरे पर रंग लगा दो।" बस फिर क्या था… 😄 कृष्ण जी अपने दोस्तों के साथ बरसाना पहुँच गए और राधा जी के चेहरे पर रंग लगा दिया। राधा और उनकी सखियाँ भी पीछे नहीं रहीं — उन्होंने भी कृष्ण और उनके दोस्तों को रंगों में भिगो दिया। धीरे-धीरे यह मस्ती और प्रेम की परंपरा बन गई, और तभी से रंगों वाली होली मनाई जाने लगी। 🎨 इस कहानी का मतलब होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि प्यार और मस्ती का प्रतीक है इसमें कोई भेदभाव नहीं — रंग सबको एक जैसा बना देते हैं यह त्योहार रिश्तों को मजबूत करता है 💥 खास बात – लठमार होली बरसाना और नंदगांव में आज भी एक अनोखी परंपरा है जिसे लठमार होली कहते हैं, जहाँ महिलाएँ मज़ाक में पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष ढाल से बचते हैं 😄 ✨ संदेश: रंगों की तरह जीवन में भी प्यार घोलो — तभी हर दिन होली जैसा रंगीन बनेगा। #😃 शानदार स्टेटस #📜 Whatsapp स्टेटस #😊होली स्पेशल 🤘 #🎨होली सेलिब्रेशन 🤗 #😍स्टेटस की दुनिया🌍