#🪔यशोदा जयंती🌺
🚫 स्त्रियों के केशों का अपमान: वंश नाश का कारण! 🚫
हमारे शास्त्रों और पुराणों में महिलाओं के बालों (केश) को केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि उनकी शक्ति और मर्यादा का प्रतीक माना गया है। इतिहास गवाह है, जब-जब किसी ने बलपूर्वक स्त्री के बालों पर हाथ डाला है, उसका सर्वनाश निश्चित हुआ है।
🔥 पौराणिक प्रमाण:
रामायण: रावण ने जब माता सीता का हरण किया, तो उन्हें केशों से पकड़कर विमान में बैठाया। परिणाम: रावण के कुल का नाश हो गया।
महाभारत: दुःशासन ने भरी सभा में द्रौपदी के केशों पर हाथ डाला। परिणाम: 100 कौरवों में से कोई जीवित नहीं बचा, पूरे वंश का नाश हुआ।
कंस: जब कंस ने देवकी की आठवीं संतान (महामाया) को बालों से पकड़कर पटकना चाहा, तो वह हाथ से छूट गई। परिणाम: कंस का वध और अंत।
🌑 खुले बालों का रहस्य:
शास्त्रों के अनुसार, स्त्रियों को बाल सदैव बांधकर रखने चाहिए। खुले बाल 'शोक' का प्रतीक माने जाते हैं और ये नकारात्मक ऊर्जा को शीघ्र आकर्षित करते हैं।
माता सुनयना ने भी विदाई के समय सीता जी को समझाया था:
"बंधे बाल 'बंधन' और 'मर्यादा' में रहना सिखाते हैं।"
इसलिए, नारी शक्ति का सम्मान करें और मर्यादा का पालन करें। 🙏
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶
#🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏कर्म क्या है❓