Gajanan Borkar
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३५ प्रतिक्रिया · १६ शेअर | कोचीन बंदरगाह भारत के सबसे सक्रिय और रणनीतिक समुद्री द्वारों में से एक है। तेल रिफाइनरी, मसालों और काजू के निर्यात, समुद्री व्यापार और पर्यटन से जुड़ा यह बंदरगाह हर वर्ष 1100 से अधिक जहाजों और लगभग 13.5 मिलियन टन कार्गो का संचालन करता है। विलिंगटन द्वीप पर इसकी मुख्य सुविधाओं के साथ-साथ वल्लारपदम और पुथुवाइपीन में इसका व्यापक विस्तार है। वल्लारपदम का अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल कोचीन को वैश्विक ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभार रहा है, जबकि पुथुवाइपीन में स्थित एलएनजी रीगैसिफिकेशन प्लांट इसकी ऊर्जा क्षमताओं को सशक्त करता है। ई-पोर्ट और डिजिटल लेनदेन की पहल के साथ यह बंदरगाह भारत के वैश्विक समुद्री व्यापार को नई गति दे रहा है। संक्षेप में, कोचीन बंदरगाह वर्षभर सक्रिय रहकर शहर को एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में नया आयाम प्रदान कर रहा है। #भारत_के_बंदरगाह #CochinPort #PortsOfIndia #Import_Export #KeralaTourism #Kochi #WaterConservation #WaterTrade #WaterConservation #WaterManagement #Cargo #VallarpadamIsland #WillingtonIsland #Vallarpadam #Puthuvypeen #SaveWater #Shipment #JalShakti #Yachts #VolvoOceanRace #Vessels | Ministry of Jal Shakti, Department of Water Resources, RD & GR
कोचीन बंदरगाह भारत के सबसे सक्रिय और रणनीतिक समुद्री द्वारों में से एक है। तेल रिफाइनरी, मसालों और काजू के निर्यात, समुद्री व्यापार और पर्यटन से जुड़ा यह...