#✍🏽 माझ्या लेखणीतून #🙂सत्य वचन #📝 शिकवण
✿•┅━꧁🌹सुप्रभात 🌹꧂━┅•✿
✿ शनिवार दि. २१ फेब्रुवारी २०२६✿
✿ फाल्गुन शु. चतुर्थी १९४७ ✿
✿ विक्रम सवत्सर २०८२✿
✿शिवशक ३५२✿
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ஜ۩۞۩ संस्कृत सुभाषितमाला ۩۞۩ஜ
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अशिष्यं शास्ति यो राजन् यश्च शून्यमुपासते।
कदर्यं भजते यश्च तमाहुर्मूढचेतसम्।।
जो व्यक्ति अयोग्य शिष्य को ज्ञानोपदेश देता है, शून्य की स्तुति करता है तथा कायरतापूर्ण कार्य करता है, वह मूर्ख है।
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