M P SINGH
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*कलिजुग सम जुग आन नहिं,जौं नर कर बिस्वास।* *गाइ राम गुन गन बिमल भव,तर बिनहिं प्रयास॥* यदि मनुष्य विश्वास करे तो कलियुग के समान दूसरा युग नहीं है,क्योंकि इस युग में श्री रामजी के निर्मल गुणसमूहों को गा-गाकर मनुष्य बिना ही परिश्रम संसार रूपी समुद्र से तर जाता है,कल्याण हो जाता है। 🪷🪷 *जय सियाराम* 🪷🪷 #❤️Love You ज़िंदगी ❤️