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“बुद्ध बनाम ब्राह्मणवाद” साथियो, बहनो और भाइयो, आज मैं आपसे कोई धर्म-कथा सुनाने नहीं आया हूँ, मैं इतिहास की उस लड़ाई की बात करने आया हूँ जो हथियारों से नहीं, विचारों से लड़ी गई थी। एक तरफ था — बुद्ध और दूसरी तरफ था — ब्राह्मणवाद। ✊ बुद्ध कौन थे? बुद्ध कोई देवता नहीं थे। बुद्ध कोई अवतार नहीं थे। बुद्ध कोई पूजा-पाठ सिखाने वाले बाबा नहीं थे। 👉 बुद्ध एक प्रश्न थे। 👉 बुद्ध एक विद्रोह थे। 👉 बुद्ध एक चेतना क्रांति थे। 🔥 ब्राह्मणवाद क्या था? ब्राह्मणवाद कोई जाति नहीं— ब्राह्मणवाद एक सत्ता-व्यवस्था थी। जो जन्म से ऊँच-नीच तय करती थी जो वेदों को प्रश्न से ऊपर रखती थी जो कहती थी: “तुम पैदा हुए हो, इसलिए नीच हो” ⚔️ टकराव कहाँ हुआ? बुद्ध ने सबसे पहले यही पूछा: “अगर मनुष्य जन्म से श्रेष्ठ या नीच है, तो फिर कर्म का क्या अर्थ?” और यही सवाल ब्राह्मणवाद के लिए सबसे खतरनाक था। 📜 बुद्ध ने क्या तोड़ा? बुद्ध ने तोड़ा— वेदों की अपौरुषेयता यज्ञों की पवित्रता जाति की पवित्र दीवार ईश्वर के डर का कारोबार बुद्ध ने कहा: “कोई ग्रंथ इसलिए सत्य नहीं कि वह प्राचीन है।” 🧠 बुद्ध का अपराध क्या था? बुद्ध का अपराध यह था कि उन्होंने— शूद्र को मनुष्य कहा स्त्री को समान कहा दास को संघ में बैठाया ब्राह्मण से पूछा: “तुम श्रेष्ठ क्यों हो?” 😡 ब्राह्मणवाद को डर क्यों लगा? क्योंकि बुद्ध ने कहा: “ना ब्राह्मण जन्म से होता है, ना शूद्र जन्म से।” अगर यह मान लिया जाता, तो पूरी सत्ता ढह जाती। 🏛️ बुद्ध को कैसे हराने की कोशिश हुई? जब बुद्ध को तर्क से नहीं हराया जा सका— तो उन्हें: नास्तिक कहा गया समाज तोड़ने वाला कहा गया और बाद में… 👉 विष्णु का अवतार बना दिया गया यह सम्मान नहीं था साथियो, यह वैचारिक हत्या थी। 📉 बौद्ध धम्म कैसे कमजोर किया गया? मठ तोड़े गए विश्वविद्यालय जलाए गए संघ को खत्म किया गया और कहा गया: “बुद्ध हमारे हैं।” अगर बुद्ध “आपके” थे, तो आपने उनके अनुयायियों को क्यों कुचला? 🔔 बुद्ध क्या कहते थे? बुद्ध कहते थे: “किसी ग्रंथ पर मत चलो, किसी परंपरा पर मत चलो, बल्कि अपने विवेक पर चलो।” और यही बात हर सत्ता को सबसे ज्यादा डराती है। 🧑‍⚖️ आंबेडकर ने बुद्ध को क्यों चुना? डॉ. आंबेडकर ने कहा: “मैं ऐसे धर्म को नहीं मान सकता जो मनुष्य को मनुष्य नहीं मानता।” उन्होंने बुद्ध को इसलिए चुना क्योंकि बुद्ध: बराबरी सिखाते थे तर्क सिखाते थे आत्मसम्मान सिखाते थे 🔥 आज की लड़ाई क्या है? आज भी लड़ाई वही है— प्रश्न बनाम परंपरा विवेक बनाम अंधश्रद्धा बुद्ध बनाम ब्राह्मणवाद 🛑 अंतिम चेतावनी बुद्ध को मूर्ति में कैद करना बुद्ध को अवतार बनाना बुद्ध को धर्म में बाँधना —ये सब बुद्ध को हराने की कोशिशें हैं। ✊ अंतिम पंक्तियाँ (तालियों के लिए) बुद्ध पूजा नहीं चाहते थे। बुद्ध अनुयायी नहीं चाहते थे। बुद्ध चेतन मनुष्य चाहते थे। अगर आप सवाल पूछते हैं— तो आप बुद्ध के साथ हैं। अगर आप चुप रहते हैं— तो आप ब्राह्मणवाद के साथ हैं। 🔥 जय बुद्ध! ✊ जय संविधान! #✍🏻भारतीय संविधान📕 #buddha