Nitin Lath
515 views
22 hours ago
AI indicator
दांडी मार्च भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की एक बहुत महत्वपूर्ण घटना थी। इसकी शुरुआत 12 मार्च 1930 को हुई थी, जब महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के नमक कानून के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया। दांडी मार्च क्या था ब्रिटिश सरकार ने भारत में नमक बनाने और बेचने पर कर (टैक्स) लगा रखा था। यह कानून गरीब लोगों के लिए बहुत अन्यायपूर्ण था। इसके विरोध में गांधी जी ने अहिंसक आंदोलन शुरू किया, जिसे दांडी मार्च या नमक सत्याग्रह कहा जाता है। यात्रा की शुरुआत और मार्ग यात्रा की शुरुआत: साबरमती आश्रम समाप्ति: दांडी समुद्र तट कुल दूरी: लगभग 390 किलोमीटर समय: 24 दिन गांधी जी और उनके साथ लगभग 78 सत्याग्रही पैदल चलते हुए गाँव-गाँव से गुजरे। रास्ते में हजारों लोग इस आंदोलन से जुड़ते गए। दांडी पहुँचने पर क्या हुआ 6 अप्रैल 1930 को गांधी जी दांडी समुद्र तट पहुँचे और समुद्र के पानी से नमक बनाकर अंग्रेजों के कानून को तोड़ा। यह घटना ब्रिटिश शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत बन गई। 96वीं वर्षगांठ का महत्व 2026 में दांडी मार्च की 96वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस अवसर पर भारत में कई जगह: पदयात्राएँ स्मरण कार्यक्रम इतिहास से जुड़े आयोजन किए जाते हैं, ताकि लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के इस महत्वपूर्ण अध्याय की याद दिलाई जा सके। ऐतिहासिक महत्व इस आंदोलन ने पूरे देश में स्वतंत्रता की भावना को मजबूत किया। लाखों भारतीयों ने अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण कानूनों का शांतिपूर्ण विरोध किया। यह आंदोलन भारत की आज़ादी की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। #History