THE JERUSALEM POST (ISRAEL)
ईरानी बैलिस्टिक खतरा नया प्राथमिक मुद्दा (Iran's renewed ballistic missile buildup poses grave threat)
सीनेटर लिंडसी ग्राहम का साक्षात्कार ईरान के परमाणु कार्यक्रम से ध्यान हटाकर उसके पारंपरिक मिसाइल शस्त्रागार पर केंद्रित करता है, जो “आयरन डोम” को संतृप्त करने में सक्षम है। यह अमेरिकी जनमत और कांग्रेस को इज़राइली मिसाइल रक्षा के लिए बढ़े हुए वित्तपोषण और संभवतः ईरानी कारखानों पर पूर्व-प्रहारों के लिए तैयार करने का संकेत है। मिसाइल खतरे को परमाणु खतरे के समकक्ष रणनीतिक मानना प्रतिरोध सिद्धांत को बदल देता है: अब “रेड लाइन” केवल यूरेनियम संवर्धन नहीं, बल्कि सटीक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन भी है। रक्षा क्षेत्र (Raytheon, Rafael सहित) के लिए इसका अर्थ लेज़र इंटरसेप्शन सिस्टम (Iron Beam) और Arrow पर नए अनुबंध हैं। भू-राजनीतिक रूप से यह इज़राइल की सुरक्षा को सीधे अमेरिका की सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास है। ग्राहम की भाषा तेहरान के प्रति ट्रंप प्रशासन से अधिक आक्रामक नीति की अपेक्षा भी दर्शाती है।
तुर्की के विरुद्ध पूर्वी भूमध्यसागरीय गठबंधन (Key Israel, Greece, Cyprus summit issue – Turkey)
इज़राइल–ग्रीस–साइप्रस शिखर सम्मेलन ऊर्जा साझेदारी से पूर्ण रक्षा गठबंधन में बदल रहा है, जिसका लक्ष्य तुर्की को संतुलित करना है। पहले जहां EastMed गैस पाइपलाइन केंद्र में थी, अब उसकी प्रासंगिकता घटने के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया समन्वय प्रमुख हो गए हैं। इससे पूर्वी भूमध्यसागर में नया शक्ति-संतुलन बनता है और अंकारा अलग-थलग पड़ता है। ऊर्जा बाज़ारों के लिए संकेत है कि क्षेत्रीय गैस निर्यात तुर्की पाइपलाइनों के बजाय मिस्र या साइप्रस के LNG टर्मिनलों के माध्यम से होगा। एर्दोआन की आक्रामक बयानबाज़ी को देखते हुए तुर्की के साथ टकराव का जोखिम बढ़ता है। तीन देशों की “त्वरित प्रतिक्रिया बल” की चर्चा ऊर्जा परियोजनाओं के सैन्यीकरण को रेखांकित करती है। इज़राइल अपने क्षेत्रीय गठबंधनों में विविधता ला रहा है, केवल “अब्राहम समझौतों” पर निर्भर नहीं रहकर।
इराकी मिलिशियाओं के निरस्त्रीकरण की समस्या (Iraq's Iran-backed militias are armed, dangerous)
इराक में ईरान-समर्थित मिलिशियाओं (काताइब हिज़्बुल्लाह आदि) पर हथियार राज्य को सौंपने का दबाव तेहरान के प्रभाव के खिलाफ नया मोर्चा खोलता है। इन समूहों का प्रतिरोध इराक में गृहयुद्ध या अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की वापसी का जोखिम पैदा करता है। तेल बाज़ार के लिए इराक (OPEC का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक) की अस्थिरता पारंपरिक रूप से “बुलिश” कारक है। लड़ाकों को राज्य संरचनाओं में समाहित करने का प्रयास इराक के “लेबनानीकरण” की ओर ले जा सकता है, जहां सेना के समानांतर एक शक्तिशाली ईरान-समर्थित ढांचा मौजूद हो। अमेरिका और इज़राइल “शिया क्रेसेंट” को कमजोर करने में रुचि रखते हैं, लेकिन सीधी टकराव से क्षेत्रीय विस्फोट का खतरा है। यह स्थिति ईरानी प्रभाव की सीमाएं भी दिखाती है।
S-500 की F-35 पर श्रेष्ठता का मिथक (Russia's new S-500 no match against US, Israeli F-35)
रूसी S-500 वायु रक्षा प्रणाली की स्टेल्थ लड़ाकू विमानों के खिलाफ सीमित क्षमता पर लेख का दोहरा उद्देश्य है: इज़राइली जनमत को आश्वस्त करना और मॉस्को व उसके ग्राहकों को संदेश देना। यह हथियार बाज़ार में सूचना युद्ध का हिस्सा है, जहां यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी तकनीक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। पश्चिमी तकनीक (F-35) की श्रेष्ठता का दावा सीरिया और ईरान में रणनीतिक प्रतिरोध बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यदि S-500 वास्तव में F-35 को रोक सकता, तो मध्य पूर्व का शक्ति-संतुलन बदल जाता और इज़राइल की कार्रवाई की स्वतंत्रता समाप्त हो जाती। ऐसे आकलन ईरान के लिए चेतावनी भी हैं कि रूसी आपूर्तियों को समाधान न माने। दीर्घकाल में यह इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और हाइपरसोनिक हथियारों की तकनीकी दौड़ को तेज करता है।
हमास के खिलाफ ब्रिटेन के वित्तीय प्रतिबंध (UK considers sanctioning suspected Hamas activist)
ज़ाहेर बीरावी और उससे जुड़ी संरचनाओं पर लंदन द्वारा संभावित प्रतिबंध युद्ध को यूरोप के कानूनी और वित्तीय क्षेत्र में ले जाने का संकेत देते हैं। यह “सॉफ्ट पावर” और फंडरेज़िंग नेटवर्क पर प्रहार है, जो मानवाधिकार एनजीओ और फ्लोटिला के रूप में काम करते हैं। यूरोपीय बैंकों और चैरिटियों के लिए यह संकेत है कि ग़ाज़ा से किसी भी अप्रत्यक्ष संबंध वाली लेन-देन “विषाक्त” मानी जाएंगी। आतंकवादी गतिविधि की परिभाषा को विरोध आयोजकों और मानवीय अभियानों तक बढ़ाना अन्य EU देशों के लिए मिसाल बनाता है। यह स्टार्मर सरकार के लिए आंतरिक आलोचना के बीच चरमपंथ के खिलाफ सख़्ती दिखाने का तरीका भी है। इज़राइल वैश्विक स्तर पर हमास की वित्तीय आपूर्ति काटने के लिए ऐसे कदमों की सक्रिय पैरवी कर रहा है। #news #समाचार #politics