कवि सुमित मानधना 'गौरव' ( "कुछ मेरी कलम से ")
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1 days ago
मुक़द्दर में ग़र लिखा हो, बिछड़े मिल ही जाते हैं। भूमि भले ही बंजर हो फूल खिल ही जाते हैं। ✍🏻सुमित मानधना 'गौरव'😎 #sumitgaurav