My Bite
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"गुनगुनाते धून" ●●●●●●●●● 🌹🌱🌾 अलबत्ता बोलती आँखे, महफूज रहने नही देती! ये काजल और बिंदी आजकल जीने नही देतीं! तोहरे कानों के झुमके, जबजब गुनगुनाते हैं! चढ़ते साँसों संग फिर, धड़कन बहक जाते हैं! बजते नूपुरों के धून भी, मन को पायल करते हैं! तुम्हरे होठों की लाली, दिल को घायल करते हैं! अजब है ये इश्क है, यौवन चढ़ते उतरते हैं! एक आह फिर नजरों में, और वजह से ही मरते हैं! इश्क के हवाओं में, बूँद-बूँद ही बरस जाएँ! करें गुफ्तगू जो दूर से.. अब यूँ भी न आजमाएँ! कुछ करो कि ख्यालों के, परिंदे जमीन पर भी आएँ! एकबार में ही जान ले लें, हमे अब रोज न तड़पाएँ!💕💞 ......✍️रवि प्रताप सिंह("पंकज")🍒 🌳🌳🌳🌳मनमोहन🌳🌳🌳🌳 #💔पुराना प्यार 💔 #❤️ आई लव यू #🌹प्यार के नगमे💖 #💝 शायराना इश्क़ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️