Jitendra Singh
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3 years ago
: _*आशा नाम नदी मनोरथजला*_ _*तृष्णातरंगाकुला,*_ _*रागग्राहवती वितर्कविहगा*_ _*धैर्यद्रुमध्वंसिनी।*_ _*मोहावर्तसुदुस्तरातिगहना*_ _*प्रोत्तुंगचिन्तातटी,*_ _*तस्या: पारगता विशुद्धमनसो*_ _*नन्दन्ति योगीश्वरा:॥*_ _*अर्थात्:--*_ आशा एक नदी है जिसमे मनोरथ रूपी जल है, तृष्णारूपी तरंगें उठ रही हैं, राग रूपी ग्राह है, वितर्करूपी पक्षी है, यह आशारूपी नदी धैर्यरूपी वृक्ष को उखाड़ फेंकनेवाली है। इसमें अज्ञानरूपी भंवर है, जिनके पर जाना कठिन है और जो अतिगहन है, इसके चिन्तारूपी तट बहुत ऊंचे हैं, उसके पार जाकर विशुद्ध मन वाले योगीराज ही आनन्दित होते हैं। _*🌹सुप्रभात🌹*_ *🎊 तू ही तू 🎊* *विचार पुष्प* *संतान की परवरिश किसी साधना से कम नहीं होती है...और...माता पिता की सेवा किसी भी आराधना से कम नहीं होती है......* *कोई भी माता-पिता यह नही कहते कि हमें..खुश रखना..वो तो यही कहते है कि ,बेटा तू सदा खुश रहना......* *जीवन में रिश्ते बड़े नहीं होते, रिश्तों को निभाने वाले बड़े होते है.................* *घड़ी की सुईयो की तरह जीवन में अपने आपसी रिश्तों को बनाए रखें......* *हर पेड़..फल..दे यह जरुरी नही,किसी-किसी पेड़ की..छाया..भी बड़ा..सुकून..देती है.....* *रिश्तों को निभानें में...विवशता...नहीं...भावनाएँ...होनी चाहिए......* *💐शुभ प्रभात 💐* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 #༺꧁🙏🏼 जय श्री राधे कृष्णा ग्रुप *🙏🏼 ꧂༻ #🙏🏻शनिदेव भजन #🕉 शनिदेवाये नमः #🙏🙏 जय शनिदेव 🙏🙏 #😇शनिवार भक्ति स्पेशल🌟