संत रामपाल जी महाराज जी बताते हैं:-
गोबर गणेश छोड़ो, आदि गणेश पूजो !
“गणेश" का मतलब है गणों का प्रमुख,
प्रजा का स्वामी, जो अपनी प्रजा को हर कष्ट से बचाए। और वेदों अनुसार कष्टहती परमात्मा केवल कबीर जी हैं। जिसका प्रमाण ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 86 मंत्र 26, ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 94 मंत्र 3, यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में है। जानने के लिए अवश्य पढ़ें
#ईश्वर आस्था