UCL — 1826 से नवोन्मेष का केन्द्र 🎓🌍: 1826 में स्थापित यह लंदन का अग्रणी शैक्षणिक संस्थान था, जो सेक्युलर शिक्षा और धर्म के बिना प्रवेश-निषेध के सिद्धांत पर बना था और जल्द ही पुरुषों के साथ महिलाओं को समान रूप से पढ़ाने वाले पहले संस्थानों में शामिल हुआ — यही प्रतिबद्धता आज बड़े पैमाने पर अनुसंधान और ग्लोबल पहुँच में बदल गई। इसकी Latin पंक्ति “Cuncti adsint meritaeque expectent praemia palmae” का अर्थ है “Let all come who by merit deserve the most reward” — एक सरल लेकिन शक्तिशाली नारा जो योग्यता पर आधारित समावेशन की बात कहता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो सेक्युलर और समावेशी प्रवेश नीतियाँ विविध प्रतिभाओं को जोड़कर बहु-विषयक शोध और उच्च शोध आय (उदाहरण: शोधन अनुदान और अनुबंधों से बड़े पैमाने पर राजस्व) को बढ़ाती हैं, जिससे विश्वविद्यालय का ज्ञान-आधारित आर्थिक प्रभाव और नवोन्मेष दोनों मजबूत हुए हैं — यही कारण है कि UCL आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च रैंकिंग और व्यापक शोध शक्ति दिखाता है। प्रेरक पंक्ति जो दिल को छू ले: “योग्यता ही मार्ग है, भेदभाव नहीं।” 🚀📚; #UCL #London #HigherEducation #Research
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