Anish kuswaha ji
362 views
#सत_भक्ति_संदेश सृजनहार संत गरीब दास जी ने अमृत वाणी में कहा हैः. गरीब, अनन्त कोटि ब्रह्माण्ड का, एक रति नहीं भार। सतगुरु पुरुष कबीर हैं, कुल के सिरजनहार।। कबीर परमात्मा सर्व ब्रह्माण्डों के सृजनहार हैं। सर्व ब्रह्माण्डों को अपनी शक्ति से ठहराया है। परमेश्वर कबीर जी पर उनका कोई भार नहीं है।